सावन 2025: सावन में भूलकर भी ना करें ये भूल, भगवान शिव को खुश करने के लिए करें ये 3 उपाय

नई दिल्ली : सावन माह का हर एक दिन भगवान शिव को समर्पित है भगवान शिव को संहार का देवता माना जाता है, जो अनादि हैं यानी न तो इनका कोई आदि है और न ही अंत है। जिन लोगों के ऊपर शिव जी की विशेष कृपा रहती है, उनके पास कभी कोई बुरी शक्ति नहीं आती है। धीरे-धीरे उनके सभी काम बनने लगते हैं और घर-परिवार में खुशियों का वास होता है।

द्रिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि के समाप्त होते ही श्रावण मास का आरंभ हो जाता है। इस साल आज 11 जुलाई 2025 से सावन माह की शुरुआत हो रही है। जबकि 9 अगस्त 2025 को सावन माह का समापन होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन माह के पहले दिन कुछ विशेष उपाय करने से भक्तों को शिव जी की खास कृपा प्राप्त होती है। चलिए अब जानते हैं सावन माह के पहले दिन करने वाले प्रभावशाली उपायों के बारे में।

  • सावन के पहले दिन यानी आज भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करें। शिवलिंग पर गंगाजल और फिर कच्चा दूध अर्पित करें। साथ ही गरीबों को मिठाई का दान करें। इस उपाय से आपके घर में खुशियों का वास होगा और भगवान शिव भी आपसे खुश रहेंगे।
  • सावन माह के पहले दिन शिवलिंग का दूध, दही, शहद, घी और शक्कर यानी पंचामृत से अभिषेक करना शुभ माना जाता है। इससे आपके घर में खुशियों का वास होगा और परिवारवालों के बीच प्रेम बढ़ेगा।
  • जिन लोगों के जीवन में बार-बार परेशानियां आ रही हैं, वे सावन माह के पहले दिन शुक्रवार को भगवान शिव की पूजा करें। शिव जी को बेलपत्र, धतूरा, भांग और फूल अर्पित करें। प्रत्येक वस्तु को अर्पित करते समय ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें। शिव जी की पूजा करने के बाद शिवलिंग की पूजा करें और अपनी गलतियों के लिए माफी मांगें।
  • इस उपाय से भगवान शिव आपसे जरूर खुश होंगे और आपके सभी दुख-दर्द दूर कर लेंगे।

दिनचर्या में करें ये बदलाव

  • सावन में सुबह जल्द बिस्तर त्याग दें, दोपहर में भी नहीं सोना चाहिए.
  • बाल और दाढ़ी नहीं कटवाने चाहिए.
  • इंद्रियों पर काबू रखें, ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.
  • सिर और शरीर पर तेल नहीं लगाना चाहिए.
  • क्रोध, अहंकार, लोभ, मोह से कोसों दूर रहें, नहीं तो पूजा फलित नहीं होती.

मांगलिक कार्य जैसे शादी, गृह प्रवेश, मुंडन, आदि सावन में नहीं करना चाहिए. इन दिनों में भगवान विष्णु निद्रा यानी सो जाते हैं इसलिए ये शुभ कार्यों को करना वर्जित होता.

You May Also Like

More From Author