एटा: मजराजात सकीट में दबंगों का कब्जा, प्रशासन मौन!

 

एटा /उत्तर प्रदेश

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पर मिलीभगत के आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश

 

एटा, उत्तर प्रदेश – मजराजात सकीट में ग्राम समाज की जमीन पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संजेश यादव पर आरोप है कि उन्होंने दबंगों के साथ मिलीभगत कर ग्राम सभा की जमीन पर फसल उगाने की छूट दे दी है। प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए श्रीचंद, केहरी सिंह यादव और झब्बू सिंह यादव ने गाटा संख्या 3236, 3322, 3357, 3451 पर अवैध रूप से फसल रोप दी है।

 

ग्रामीणों की शिकायतें अनसुनी, प्रशासन निष्क्रिय

 

ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध कब्जे की शिकायत कई बार प्रशासन से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की चुप्पी ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है, और वे सवाल उठा रहे हैं कि क्या प्रशासन दबंगों के आगे झुक चुका है?

 

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पर आरोप – संरक्षण दे रहे हैं दबंगों को?

 

स्थानीय लोगों का आरोप है कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संजेश यादव की शह पर दबंगों ने यह कब्जा किया है। कई लोगों ने यह भी दावा किया कि अगर प्रशासन की ओर से सख्ती बरती जाए, तो अवैध कब्जे को तुरंत हटाया जा सकता है।

 

ग्रामीणों की चेतावनी – होगा आंदोलन!

 

मजराजात सकीट के स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही ग्राम सभा की जमीन को कब्जामुक्त नहीं कराया गया, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

 

प्रशासन के लिए चुनौती – कार्रवाई कब होगी?

क्या प्रशासन अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाएगा?

 

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की भूमिका की जांच होगी या नहीं?

 

क्या सरकार की ग्राम सभा की जमीन सुरक्षित है या फिर रसूखदारों के हाथों में सौंप दी गई है?

 

निष्कर्ष

मजराजात सकीट का यह मामला केवल एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता और भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि क्या प्रशासन दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा?

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