विहार : राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के बाद उनके बेटे तेजस्वी यादव का मुख्यमंत्री बनना सुनिश्चित करने की बृहस्पतिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की। प्रसाद, पार्टी की राज्य परिषद को संबोधित कर रहे थे, जिसमें मंगनी लाल मंडल को आम सहमति से राजद की बिहार इकाई का प्रमुख चुने जाने की औपचारिक घोषणा की गई।
राजद प्रमुख ने कहा, ‘‘आपको यह सुनिश्चित करने के लिए काम करना चाहिए कि चुनाव में नीतीश कुमार और आरएसएस को बाहर कर दिया जाए। तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनना चाहिए।” उनके साथ, तेजस्वी और पूर्व मुख्यमंत्री एवं उनकी पत्नी राबड़ी देवी भी मौजूद थीं।
लालू यादव स्वास्थ्य कारणों को लेकर अब कभी-कभार ही सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। हालांकि, अपने संक्षिप्त भाषण में वह चिरपरिचित अंदाज में नजर नहीं आए, लेकिन उन्होंने यह आरोप लगाया कि ‘‘आरएसएस के लोगों ने कर्पूरी ठाकुर को गाली दी और उनकी सरकार गिरा दी।” पूर्व मुख्यमंत्री और ओबीसी नेता ठाकुर को पिछले साल केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया था।
ठाकुर को प्रसाद और नीतीश, दोनों अपना मार्गदर्शक मानते हैं। लालू यादव 1979 में ठाकुर के नेतृत्व वाली जनता पार्टी सरकार के गिरने की ओर इशारा कर रहे थे, जब भाजपा के पूर्ववर्ती संगठन जनसंघ से जुड़े सभी मंत्री सरकार से बाहर निकल गये थे। राज्य परिषद में प्रसाद के समापन भाषण से पहले, तेजस्वी ने भाषण दिया, जिसमें उन्होंने “2005 से 2025, बहुत हुआ नीतीश” नारा दिया।
तेजस्वी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से ‘‘महागठबंधन की अगली सरकार बनाने” के लिए पूरी ताकत लगा देने की अपील की। पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लोगों को बताएं कि हमारे सत्ता में रहने के 17 महीनों के दौरान रोजगार सृजन हुआ।” तेजस्वी उस समय उप मुख्यमंत्री थे, जब नीतीश नीत जद(यू) का राजद के साथ अल्पकालिक गठबंधन था। वर्तमान में, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने कहा, ‘‘महिलाओं के लिए हमारी योजनाओं, 100 प्रतिशत मूल निवास नीति और शराबबंदी कानून से बुरी तरह प्रभावित ताड़ी निकालने वालों को राहत दिये जाने के हमारे वादों के बारे में लोगों को बताएं।