नवजातों के दिल का आधुनिक तरीके से कैसे होगा उपचार।
लक्ष्मन सिंह राघव/अलीगढ
Aligarh News:-जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में अब आधुनिक तरीके से नवजातों के दिल का उपचार होगा। इंडियन ऑयल कंपनी 12 करोड़ रुपये से नवजात व शिशु हृदय रोग आईसीयू बनाएगा जिसके लिए। एमओयू पर आईओसीएल (उत्तर प्रदेश) के कार्यकारी निदेशक, एएमयू कुलसचिव और हृदय व वक्ष शल्य चिकित्सा विभाग के परियोजना समन्वयक ने हस्ताक्षर किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (जेएनएमसी) का शुमार भारत के बड़े सरकारी अस्पतालों में होता है। जहां पर रोजाना 4 से 5 हज़ार मैरिज इलाज के लिए आते हैं। और अब जेएनएमसी के हृदय व वक्ष शल्य चिकित्सा विभाग ने भारतीय तेल निगम लिमिटेड (आईओसीएल) के साथ समझौता किया। इसके तहत आधुनिक नवजात व शिशु हृदय रोग गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) बनेगी। कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) योजना के तहत इंडियन ऑयल कंपनी ने आईसीयू की स्थापना के लिए 12 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एमओयू पर हस्ताक्षर।
एमओयू पर आईओसीएल (उत्तर प्रदेश) के कार्यकारी निदेशक, एएमयू के कुलसचिव मोहम्मद इमरान और हृदय व वक्ष शल्य चिकित्सा विभाग के परियोजना समन्वयक डॉ. शमायल रब्बानी ने हस्ताक्षर किए हैं। यह सहयोग मेडिकल कॉलेज की जन्मजात हृदय विकारों (सीएचडी) के उपचार क्षमता को बढ़ाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 1600 बच्चों के दिल की हो चुकी सर्जरी।
हृदय व वक्ष शल्य चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष प्रो. आजम हसीन ने बताया। कि मेडिकल कॉलेज उत्तर प्रदेश का एकमात्र बाल हृदय केंद्र है। जहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत निःशुल्क बाल हृदय उपचार की सुविधा दी जाती है। 2018 में अपनी स्थापना के बाद से अब तक 15000 से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग की गई है। 1600 से अधिक सर्जरी हो चुकी है। अभी भी 1400 से अधिक बच्चे उपचार के लिए प्रतीक्षा सूची में हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार परियोजना समन्वयक व सहायक प्रोफेसर डॉ. शमायल रब्बानी ने बताया। कि आधुनिक आईसीयू में में मॉड्यूलर सुविधाएं, उच्च स्तरीय वेंटिलेटर, ईसीएमओ मशीनें और नवीनतम अल्ट्रासाउंड सिस्टम होंगे।