महिलाओं को 45 साल की उम्र के बाद किसी भी वक्त पीरियड्स बंद होने की स्थिति को झेलना पड़ सकता है। इसे मेनोपॉज कहते हैं। मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में तेजी से हार्मोन परिवर्तन होते हैं। जिससे शरीर में भी कई बदलाव देखने को मिलते हैं। मेनोपॉज के दौरान महिलाएं सिर्फ शारीरिक ही नहीं बल्कि कई तरह के मानसिक बदलावों से भी गुजरती हैं। जिसमें मूड स्विंगस होना, डिप्रेशन, वजन बढ़ना, उदासी छाई रहना, चिड़चिड़ापन बढ़ना, बालों का झड़ना, मांसपेशियों का कमजोर होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में महिलाओं को अपने खाने-पीने से लेकर लाइफस्टाइल तक हर चीज का ख्याल रखना जरूरी है। सिर्फ महिलाओं को ही नहीं बल्कि उनके परिवार को भी इस वक्त उनकी मानसिक स्थिति को समझते हुए उनका ख्याल रखना चाहिए। जिससे वो इस स्थिति से बेहतर तरीके से निपट सकें
