नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में फिर एक बार कटौती की है. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट को 50 बेसिस प्वाइंट कम करने का ऐलान किया, जिसके बाद रेपो रेट 6 प्रतिशत से घटकर 5.5 प्रतिशत पर आ गई है. आइए आपको बताते हैं कि इसका असर FD पर कमाई पर पड़ेगा या नहीं? और देश के बड़े बैंक एफडी पर कितना ब्याज ऑफर कर रहे हैं.
आरबीआई ने देश की इकोनॉमी को मजबूती देने के लिए, लोगों को अधिक खर्च करने के लिए प्रेरित करने के लिए इस साल में तीसरी बार रेपो रेट में कटौती की है. इसके साथ RBI ने CRR में भी 1 प्रतिशत की कटौती की है. फरवरी 2025 के बाद से जब से रेपो रेट में कटौती हुई है. तब से ही देश के बड़े सरकारी, प्राइवेट बैंकों ने FD पर ब्याज दर को कम कर दिया है. ऐसे में एक्सपर्ट की मानें तो रेपो में 0.5 प्रतिशत की कटौती के बाद भी बैंक एफडी पर मिलने वाले ब्याज को कर सकते हैं.
SBI रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2025 से लेकर अभी तक FD में 30 से 70 बेसिस प्वाइंट की कटौती देखने को मिली है. फिक्स्ड डिपॉजिट दरों में गिरावट के साथ-साथ बैंक बचत खातों पर ब्याज दरों में भी कटौती कर रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकों ने बचत खातों पर ब्याज दरों को पहले ही 2.70% की न्यूनतम दर पर घटा दिया है. एक्सपर्ट का मानना है कि आने वाले दिनों में FD पर मिलने वाली ब्याज दरों में कटौती देखने को मिल सकती है.
आम जनता को फायदा
इस कटौती का सबसे बड़ा फायदा आम जनता को होम लोन, ऑटो लोन, एजुकेशन लोन और पर्सनल लोन में मिलता है. जैसे अगर किसी के पास ₹50 लाख का 20 साल का होम लोन है, तो 8% ब्याज पर उसकी EMI ₹41,822 होती है, जबकि 7.5% पर यह घटकर ₹40,280 रह जाएगी. यानी हर महीने करीब ₹1,542 की बचत. EMI कम होने से लोगों के पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसा बचता है, जिससे बाजार में मांग और खपत दोनों बढ़ती है.