गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रोड इंफ्रास्ट्रक्चर का उत्कृष्ट उपहार देने के सिलसिले को जारी रखते हुए 7283.28 करोड़ रुपये की लागत से बने 91.35 किमी लंबे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के अवसर पर भगवानपुर टोल प्लाजा पर आयोजित जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान सीएम योगी साजवादी पार्टी के शासन काल में हुई भर्तियों को लेकर अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला।
उन्होनें कहा कि 2017 के बाद का उत्तर प्रदेश माफियामुक्त, गुंडामुक्त और दंगामुक्त राज्य बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि चाचा-भतीजा ईमानदारी से प्रदेश में कोई भी भर्ती नहीं होने देते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा की दुनिया के विकसित देशों का विकास उनके बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर की ही देन है। 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान दिया गया, उसका ही परिणाम है कि यूपी अब बीमारू राज्य की बदनामी से उबरकर इमर्जिंग स्टेट के रूप में पहचाना जा रहा है। देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो रहा है।
2017 से पहले सपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस आजमगढ़ ने मुख्यमंत्री, सांसद दिया तो भी वो न विश्वविद्यालय बना पाए और न एक्सप्रेस वे बना पाए. हमने गैर सैफई वासी को सांसद बनाया. मुख्यमंत्री ने कहा कि 2016 में वो लोग यहां पर 110 मीटर चौड़ा एक्सप्रेस वे बना रहे थे, टेंडर जारी कर दिया था. एक्सप्रेस वे निर्माण में डकैती डालने वाले आज ईमानदारी का ढोंग दिख रहे हैं. वो मुम्बई की D कम्पनी के साथ पार्टनरशिप करते थे, अंडरवर्ल्ड के सांठगांठ करते थे.
दुनिया की सुरक्षा में कोई सेंध लगाएगा तो अब आजमगढ़ की पहचान पर संकट नहीं आएगा, बल्कि संकट पैदा करने वाले पर संकट आ जाएगा. ये नया भारत है आज देश की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नहीं बर्दाश्त नहीं होगा. सीएम योगी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम ने इसके जरिए दुश्मनों को स्पष्ट संदेश दे दिया है. कोई भी आतंकवाद को बढ़ावा देगा तो घुसकर मारेंगे. चाहे ऑपरेशन सिंदूर हो, सर्जिकल स्ट्राइक हो या एयर स्ट्राइक हो.