लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट जेपी अंतरराष्ट्रीय केंद्र को नए सिरे से संचालित करने की मंजूरी दिए जाने की उम्मीद है.
यह निर्णय अखिलेश यादव के हाल ही में मनाए गए जन्मदिन के दो दिन बाद उनके लिए एक खास उपहार के रूप में देखा जा रहा है. इसके साथ ही, कैबिनेट आवासीय कॉलोनियों में मकान के साथ दुकान निर्माण की सुविधा को भी हरी झंडी देगी, जिससे शहरी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.
बैठक में इन प्रस्तावों पर भी हो सकती है चर्चाः कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है, जिनमें भवन विकास उपविधि में संशोधन प्रमुख है. इस संशोधन के तहत शहरी क्षेत्रों में 90 वर्ग मीटर के भूखंड पर मकान के साथ दुकान निर्माण की अनुमति देने की उम्मीद है. इसके लिए सड़क की चौड़ाई में 9 से 10 मीटर तक की छूट दी जाएगी, जबकि 12 मीटर चौड़ी सड़क पर व्यावसायिक उपयोग की सुविधा उपलब्ध होगी.
साथ ही बेसमेंट में भी व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति देने का प्रावधान किया गया है. पार्किंग सुविधा को और बेहतर करने के लिए अतिरिक्त प्रावधान भी शामिल किए गए हैं.इन प्रस्तावों पर अंतिम फैसला मंत्रियों के सुझावों के आधार पर लिया जाएगा.
एलडीए संभालेगा जेपी सेंटरः जेपीएनआईसी के संचालन के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को अधिकृत किया जाएगा, जो इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत संचालित करेगा.यह कदम न केवल अखिलेश यादव के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को नयापन देगा, बल्कि लखनऊ के विकास को भी गति प्रदान करेगा.
जेपीएनआईसी को आधुनिक सुविधाओं के साथ एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है, जो व्यापार, संस्कृति और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बन सकता है.इसके अतिरिक्त, कैबिनेट बैठक में कई अन्य विभागों के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी जाएगी जो राज्य के विकास और शहरीकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.