नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत चार प्रतिष्ठित हस्तियों को राज्यसभा के लिए नामित किया है. इनमें वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम, पूर्व विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला, प्रख्यात इतिहासकार मीनाक्षी जैन और समाजसेवी सदानंदन मास्टर शामिल हैं. ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए जाने जाते हैं.
वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम ने 2008 के मुंबई आतंकी हमले के दोषी अजमल कसाब को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. उनकी कानूनी विशेषज्ञता और निष्ठा ने उन्हें देशभर में सम्मान दिलाया है. वहीं, हर्ष वर्धन श्रृंगला ने विदेश सचिव के रूप में भारत की कूटनीति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 80(1)(a) और खंड (3) के तहत इन शख्सियतों को मनोनीत किया है। पहले के मनोनीत सदस्यों के रिटायर होने से ये पद खाली हुए थे। राष्ट्रपति को संविधान के अनुसार राज्यसभा में सदस्यों को मनोनीत करने का अधिकार है। संविधान का अनुच्छेद 80(1)(a) और खंड (3) राष्ट्रपति को यह शक्ति देता है। संविधान का यह भाग राष्ट्रपति को राज्यसभा में सदस्यों को चुनने की अनुमति देता है।
इतिहासकार मीनाक्षी जैन ने भारतीय इतिहास और संस्कृति पर अपने शोध और लेखन से ख्याति प्राप्त की है. दूसरी ओर, सदानंदन मास्टर ने सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अपने कार्यों से समाज में बदलाव लाने का काम किया है. राष्ट्रपति द्वारा यह नामांकन साहित्य, विज्ञान, कला और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विशेष योगदान देने वालों को सम्मानित करने की परंपरा का हिस्सा है.