खेलें मसाने में होली दिगंबर… शिव-पार्वती के बीच का वो संवाद, जिसमें छिपा है रंगों के त्योहार का असली अर्थ

कैलाश पर ध्यान में बैठे महादेव के मुख पर असीम संतोष और होठों पर फैली दिव्य मुस्कान को देखकर देवी पार्वती ने पूछा- ‘स्वामी! ये कौन सा आनंद है जो त्रिलो..

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