सकीट (एटा)
जहाँ एक ओर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ स्थानीय स्तर के समाजवादी विचारधारा से जुड़े नेता सरकार की छवि धूमिल करने में लगे हैं। मजरा जाति सकीट में प्रधानपति संजेश यादव, इस्तकार खान और मुन्ना कुरैशी पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इन तीनों ने मिलीभगत कर खसरा संख्या 3320, जो कि सरकारी तालाब के रूप में दर्ज है, उस पर अवैध रूप से प्लाटिंग शुरू कर दी है। मिट्टी डालकर तालाब की जमीन को पाट दिया गया है और वहां बार रोड बनाकर प्लॉट काटे जा रहे हैं। यह कार्य पूरी तरह से गैरकानूनी है और शासन-प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने जैसा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ये लोग दबंगई के बल पर ग्रामीणों की आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
“यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो गांव के लोग आंदोलन करने को विवश होंगे,” यह स्पष्ट चेतावनी ग्रामीणों ने दी है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी एवं उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी जमीन की लूट पर रोक लगाई जा सके और शासन की गरिमा बनी रहे।
Pawan Singh Chauhan