स्पेन में पूछा गया- भारत की राष्ट्रीय भाषा क्या है? डीएमके सांसद कनिमोझी का जवाब सुन बजती रहीं तालियां.देखें VIDEO

नई दिल्ली: डीएमके सांसद कनिमोझी ने विदेश दौरे पर भारत की राष्ट्र भाषा को लेकर पूछे गए एक सवाल का ऐसा जवाब दिया कि भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम में काफी देर तक तालियां बजती रह गईं। कनिमोझी ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद पर भारत का पक्ष रखने के लिए विदेश दौरे पर गए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रही हैं।

इसी दौरान दौरान उनसे भारत की राष्ट्र भाषा को लेकर एक सवाल पूछ लिया गया, जो उनके लिए उलझाने वाला था। लेकिन, उन्होंने बहुत ही हाजिर जवाबी का परिचय देते हुए ऐसा उत्तर दिया कि वह जिस राष्ट्र हित के मकसद से गई हैं, उसे और संबल मिल गया। उनक उत्तर था ‘विविधता में एकता’। कनिमोझी का यह जवाब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सर्वदलीय प्रतनिधिमंडल को लेकर स्पेन की राजधानी मैड्रिड पहुंचीं कनिमोझी ने भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम में एक सवाल के जवाब में कहा, ‘आप राष्ट्र भाषा के बारे में जानना चाहते हैं….भारत की राष्ट्र भाषा विविधता में एकता है।’ इसके बाद हॉल बहुत देर तक तालियों से गूंजता रहा। फिर उन्होंने आगे कहा, ‘और यही वह संदेश है जो पूरी दुनिया तक पहुंचाया जा रहा है और मुझे लगता है कि आज यही सबसे महत्वपूर्ण बात है और हमें यह जारी रखने दीजिए।’ कनिमोझी के इस बयान से भारत के राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचने की संभावना है। डीएमके पहले से ही केंद्र सरकार की तीन भाषा नीति का विरोध कर रही है।

दरअसल, कनिमोझी के नेतृत्व में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल स्पेन, ग्रीस, स्लोवेनिया, लातविया और रूस की यात्रा पर गया हुआ है। यह प्रतिनिधिमंडल उन सात बहु-दलीय समूहों में से एक है, जिन्हें भारत ने पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों और भारत की आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी साझा करने के लिए 33 देशों का दौरा करने का काम सौंपा गया है। इस प्रतिनिधिमंडल में राजीव राय (समाजवादी पार्टी), मियां अल्ताफ अहमद (नेशनल कॉन्फ्रेंस), बृजेश चौटा (BJP), प्रेम चंद गुप्ता (राष्ट्रीय जनता दल), अशोक कुमार मित्तल (आम आदमी पार्टी) और पूर्व राजदूत मंजीव सिंह पुरी और जावेद अशरफ भी शामिल हैं।

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