बॉम्बे : बॉम्बे हाई कोर्ट ने 15 जुलाई 2025 को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया. याचिका में मांग की गई थी कि कोर्ट राहुल गांधी को सावरकर पर लिखी किताबों को पढ़ने का निर्देश दे, ताकि उनकी ‘अज्ञानता’ दूर हो.
एक रिपोर्ट के मुताबिक ये याचिका अभिनव भारत कांग्रेस नामक संगठन के संस्थापक अध्यक्ष पंकज कुमुदचंद्र फडनीस ने दायर की थी. याचिका में आरोप लगाया गया था कि राहुल ने सावरकर के खिलाफ ‘अपरिपक्व और गैर-जिम्मेदार’ बयान दिए. इससे काफी भ्रम पैदा हो रहा है. रिपोर्ट के अनुसार फडनीस सावरकर पर रिसर्च कर रहे हैं.
हाल ही में, बॉम्बे हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें मांग की गई थी कि राहुल गांधी को सावरकर के योगदान को नजरअंदाज करने वाले बयान देने से रोका जाए. याचिकाकर्ता पंकज फडनीस ने तर्क दिया कि राहुल गांधी के ऐसे बयान उनके मौलिक कर्तव्यों का उल्लंघन हैं. उन्होंने राहुल गांधी के लंदन वाले भाषण का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि सावरकर मुसलमानों को देशद्रोही मानते थे.
हालांकि, बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और जस्टिस संदीप मार्ने की बेंच ने इस जनहित याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि वे राहुल गांधी को सावरकर के योगदान के बारे में ‘अज्ञानता दूर करने’ का निर्देश नहीं दे सकते. कोर्ट ने यह भी बताया कि सावरकर के पोते सत्यकी सावरकर द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि का मुकदमा पहले से ही पुणे की एमपी-एमएलए कोर्ट में लंबित है, इसलिए जनहित याचिका स्वीकार नहीं की जा सकती.
सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प बहस देखने को मिली. याचिकाकर्ता पंकज फडनीस ने कोर्ट से अपनी बात मनवाने के लिए एक अनोखा तर्क दिया. उन्होंने कहा कि हमारे लोकतंत्र में नेता प्रतिपक्ष (LoP) भविष्य में प्रधानमंत्री बन सकता है, और इसलिए राहुल गांधी भी प्रधानमंत्री बन सकते हैं.