टीबी एक बेहद गंभीर बीमारी है। अगर इसका सही समय पर इलाज न किया जए, तो जानलेवा हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, दुनियाभर में हर साल लगभग 22 लाख लोगों टीबी की चपेट में आते हैं और 18 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो होती हैं। इन आंकड़ों से साफ़ पता चलता है कि इलाज के बावजूद भी आज के समय में भी टीबी एक खतरनाक बीमारी है। इसके सबसे ज्यादा मामले भारत में आते हैं। हालांकि भारत में टीबी मरीजों का आंकड़ा हर साल कम हो रहा है, लेकिन अभी तक इसके पूर्ण खात्मे की ओर नहीं बढ़ा जा सका है। दरअसल, टीबी के उपचार के बाद मरीजों को लगता है कि वे स्वस्थ हो चुके हैं जो कि उनकी सबसे बड़ी गलती होती है। एशियन हॉस्पिटल में डायरेक्टर एवं हेड- रेस्पिरेटरी, क्रिटिकल केयर एवं स्लीप मेडिसिन, डॉ. मानव मनचंदा, बता रहे हैं की टीबी के मरीजों को उपचार के बाद भी किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए?
