बीजिंग: भारत और चीन के बीच 4 साल से चल रहा तनाव अब काफी हद तक कम हो गया है। खास बात यह है कि चीन बदलते वैश्विक परिवेश में खुद ही भारत से अपने रिश्ते को मजबूत करने में जुटा है। ऐसे में एक बार फिर हिंदी-चीनी भाई-भाई का पुराना नारा जीवंत होता दिख रहा है। पिछले साल पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच रियो डी जेनेरियो में हुई द्विपक्षीय वार्ता ने दोनों देशों के रिश्तों पर जमी बर्फ को पिघला दिया है। साथ ही इस मुलाकात ने अब शांति और सौहार्द्रपूर्ण रिश्तों की एक नई नींव भी तैयार कर दी है।
